Pitru Dosh Mukti Upay: शनिवार को करें ये 4 उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

Pitru Dosh Mukti Upay शनिवार के दिन को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पीपल से जुड़े कुछ उपाय पितृ दोष से आपको मुक्ति दिलाते हैं। इन उपायों को करने से आपका भाग्य जागता है और जीवन में सफलता आपको प्राप्त होती है। नीचे दिए गए उपायों में से किसी भी एक को अगर आप कम-से-कम 7 शनिवार तक करते हैं तो पितृ कृपा आपको मिल सकती है।
चौमुखी दीपक का उपाय
शनिवार की शाम को सूर्य के ढलने के बाद आपको किसी पीपल के पेड़ के नीचे जाकर चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। यह ध्यान रखें कि दीपक में सरसों का तेल ही इस्तेमाल किया गया हो। चौमुखी दीपक को जलाने के बाद अपने पितरों को याद करें और ‘ॐ सर्व पितृ प्रशनो भवः ओम’ का कम से कम 108 बार जप करें। यह उपाय करके आप आर्थिक उन्नति करते हैं और जीवन में संतुलन आता है।
पीपल तले बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ
शनिवार को शाम के समय पीपल के पेड़ की जड़ में दीपक जलाकर आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। अगर सात बार आप हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो इसे शुभ माना जाता है। शनिवार के दिन यह उपाय करने से हनुमान जी और शनिदेव की कृपा के साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होता है। यह उपाय करने से आपको मानसिक शांति मिलती है और भाग्य भी आपका साथ देने लगता है।
पीपल की परिक्रमा
शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की कम से कम 7 बार परीक्रमा करनी चाहिए। परिक्रमा के दौरान सूत या फिर सफेद धागा पीपल पर लपेटें। माना जाता है कि यह उपाय करने से राहु-केतु और शनि ग्रह शांत होते हैं और इनको पितृ दोष का महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। ऐसे में इन तीनों ग्रहों के शांत होने से पितृ दोष से भी आपको मुक्ति मिलती है।
जल और काले तील का उपाय
Pitru Dosh Mukti Upayशनिवार के दिन सुबह के समय आपको स्नान-ध्यान करने के बाद एक लोटे में जल लेने चाहिए और उसमें काले तिल भी मिलाने चाहिए। इसके बाद किसी पीपल के पेड़ की जड़ में यह जल अर्पित करना चाहिए और अपने पितरों को स्मरण करना चाहिए। इस उपाय को करने से पितरों की असीम कृपा आपको प्राप्त होती है। यह उपाय भाग्य जगाने वाला और आर्थिक लाभ दिलाने वाला भी माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। Rgh एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)



