Chhattisgarh top news: दुर्ग में अंतरराज्यीय सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 9 गिरफ्तार

Chhattisgarh top news दुर्ग जिले में छावनी पुलिस ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर 9 आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पहले ऑनलाइन सट्टा संचालक निशांत गुप्ता को कैंप 2 से गिरफ्तार किया। फिर उसकी निशानदेही पर नागपुर में किराए के मकान में चल रहे सट्टा सेंटर पर छापा मारा और वहां से पूरी टीम को गिरफ्तार किया। आरोपियों में यूपी के 6 और बिहार के 2 आरोपी शामिल है। इनके पास से 26 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 पास बुक एवं 45 सिम कार्ड सहित मारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं दस्तावेज सहित 23 लाख की गोल्ड और डायमंड की ज्वेलरी सहित डेढ़ लाख रुपए जब्त किया गया है।
हर महीने होता था करोड़ों का ट्रांजेक्शन
Chhattisgarh top newsएडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर और डीएसपी क्राइम यदुमणि सिदार ने बताया कि ऑनलाइन सट्टा के माध्यम से हर महीने करीब डेढ़ करोड़ रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी हुआ है। वही पुलिस अब उनके फाइनेंशियल नेटवर्क की जांच भी कर रही है। एएसपी ने बताया कि दुर्ग पुलिस द्वारा अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत थाना छावनी पुलिस को खबर मिली थी कि कैंप 2 निवासी निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से विभिन्न राज्यों में छिपकर ऑनलाइन सट्टा का संचालन कर रहा है। वही वर्तमान में अपने घर पर रहकर ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग गतिविधियों का संचालन कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। जब उससे पूछताछ की गई और उसके मोबाइल फोन एवं अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच में सूचना सही पाई गई।
पुलिस की टीम ने किराये के मकान में दी दबिश
Chhattisgarh top news पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह “C-B. Cricket Buzz Betting App एवं “RubyBet” नामक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म की आईडी संचालित करता है। पुलिस से बचने के उद्देश्य से अपने सहयोगियों को महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर में किराये का मकान लेकर वहां से ऑनलाइन सट्टा संचालन करवाता है। इके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर स्थित किराये के मकान में दबिश दी गई। मौके पर ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए कुल 8 व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन सट्टे में डिपॉजिट, विड्रॉल, अकाउंट संचालन, आईडी प्रबंधन एवं अन्य तकनीकी कार्य करते थे, जिसके बदले उन्हें प्रतिमाह लगभग 20 से 25 हजार रुपए वेतन दिया जाchhattisgarh ता था।



