Toll Tax: टोल प्लाजा पर बंद हुआ कैश ट्रांजैक्शन, FASTag न होने पर देना होगा जुर्माना

Toll Tax कुछ राज्यों को छोड़कर देश भर के सभी राज्यों में टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजैक्शन पूरी तरह से बंद हो गया है। देश भर के सभी नेशनल हाईवे पर अब सिर्फ फास्टैग या यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से ही टोल टैक्स लिया जा रहा है। एक आधिकारिक बयान में ये जानकारी दी गई। ये कदम टोल कलेक्शन में दक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बयान में कहा गया है कि तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में ये बदलाव अभी लागू नहीं किया गया है। दरअसल, इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में इस समय विधानसभा चुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू है, जिसे देखते हुए ये फैसला लिया गया है।
टोल टैक्स के भुगतान में इस्तेमाल हो रहा है 98 प्रतिशत से ज्यादा फास्टैग
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने फरवरी में कहा था कि 1 अप्रैल, 2026 से नेशनल हाईवे पर टोल के भुगतान के लिए कैश ट्रांजैक्शन पूरी तरह से बंद करने पर विचार किया जा रहा है। ये बदलाव टोल प्लाजा पर लेन की कार्यक्षमता में सुधार करेगा और भीड़भाड़ को कम कर टोल ट्रांजैक्शन में ज्यादा स्थिरता और पारदर्शिता लाकर नेशनल हाईवे यूजर्स के लिए ‘यात्रा को आसान’ बनाने में मदद करेगा। पिछले कुछ सालों में टोल कलेक्शन में 98 प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल फास्टैग का हुआ है। नेशनल हाईवे पर टोल कलेक्शन के लिए पहले ही यूपीआई की सुविधा शुरू हो चुकी है। इसके अलावा, टोल कलेक्शन के लिए तेज और आसान डिजिटल पेमेंट ऑप्शन उपलब्ध हो गए हैं।
कैश से भुगतान करने पर लगता था दोगुना टोल टैक्स
Toll Taxबताते चलें कि नेशनल हाईवे टोल नियमों के अनुसार, अगर आपकी गाड़ी पर वैलिड और चालू फास्टैग नहीं है और आप कैश में टोल का भुगतान करते हैं तो आपको दोगुना टोल टैक्स देना होता था। इसके अलावा, अगर आप यूपीआई के जरिए टोल का भुगतान करते हैं तो आपको लागू टोल का 1.25 गुना भुगतान करना होगा। जबकि, फास्टैग से पेमेंट करने में कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होता। सरकार के इन पहलों ने सामूहिक रूप से कैश ट्रांजैक्शन पर निर्भरता कम करने और टोल सिस्टम को डिजिटल बनाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया है



