New Labour Codes: नया लेबर कोड लागू, अब नौकरी छोड़ने पर 2 दिन में खाते में आएगा पूरा पैसा

New Labour Codes नौकरी बदलना या किसी वजह से अपना काम छोड़ना हर नौकरीपेशा इंसान के करियर का एक सामान्य हिस्सा है. लेकिन, पुरानी कंपनी से अपना ही कमाया हुआ पैसा निकालने में अक्सर कर्मचारियों के पसीने छूट जाते हैं. अब तक की व्यवस्था में कर्मचारियों को अपने फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट के लिए 40 से 45 दिन, और कभी-कभी तो 90 दिनों तक का लंबा इंतजार करना पड़ता था. इस दौरान आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजरना एक आम बात थी. लेकिन अब यह पुरानी और थका देने वाली व्यवस्था बदलने जा रही है. सरकार के नए लेबर कानून के तहत अब कर्मचारियों को उनका पूरा बकाया पैसा नौकरी छोड़ने के महज दो वर्किंग डेज (कार्य दिवस) के भीतर मिल जाएगा.
45 दिन का झंझट खत्म, अब सिर्फ 2 दिन में होगा हिसाब
पहले जब कोई कर्मचारी इस्तीफा देता था या उसे कंपनी से निकाला जाता था, तो हिसाब-किताब की कागजी कार्यवाही के नाम पर महीनों लग जाते थे. नई नौकरी शुरू करने के दबाव और पुरानी कंपनी के एचआर के चक्कर काटने के बीच कर्मचारी पिसता रहता था. अपनी सैलरी के लिए 45 दिन से ज्यादा का इंतजार सीधा घर के बजट पर असर डालता था. लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह से बदलने वाली है. 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहा नया नियम सीधा नौकरीपेशा वर्ग को एक बहुत बड़ी राहत देगा. नए प्रावधान के मुताबिक, किसी भी परिस्थिति में कर्मचारी के जाने के बाद, कंपनी को उसका पूरा भुगतान सिर्फ दो दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा. इससे कर्मचारियों को अपनी ही जमा-पूंजी के लिए कंपनियों के आगे मोहताज नहीं होना पड़ेगा
क्या है यह नया लेबर कानून?
New Labour Codesयह महत्वपूर्ण बदलाव ‘कोड ऑन वेजेज, 2019’ (Code on Wages, 2019) के तहत लाया गया है. इस नए कानून के दायरे में हर वह स्थिति शामिल की गई है जिसमें एक कर्मचारी का सफर कंपनी के साथ खत्म होता है. चाहे आपने खुद अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया हो, आपको किसी कारणवश नौकरी से निकाला गया हो, या फिर कंपनी ही किसी वजह से बंद हो गई हो; हर हाल में आपके बकाए का पूरा भुगतान दो कार्य दिवसों के अंदर होना तय है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब कंपनियां हिसाब पूरा करने के नाम पर फाइलों को हफ्तों तक नहीं अटका सकेंगी. यह कानून कर्मचारियों के अधिकारों को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और सुरक्षित बनाता है.



