share market today: शेयर बाजार में तूफानी तेजी; खुलते ही सेंसेक्स 1040 अंक उछला, निफ्टी भी 22,800 के पार

share market today घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को ओपनिंग के समय धमाकेदार तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर खुलते ही एक समय 1040.45 अंक की जबरदस्त तेजी के साथ 73,736.84 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। इसी समय एनएसई का निफ्टी भी 350.60 अंक की बढ़त के साथ 22,863.25 के लेवल पर कारोबार करता देखा गया। शेयर बाजार में आज चौतरफा तेजी से देखने को मिल रही है और लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी पर प्रमुख बढ़त वाले सौदों में एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, टाइटन कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज शामिल रहे।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सभी इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। ऑटो, बैंकिंग, एनर्जी, फार्मा, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में करीब 1 से 2 फीसदी तक की तेजी से दर्ज की गई है। वहीं, व्यापक बाजार में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 2-2 फीसदी की बढ़त देखी गई है, जो बाजार में मजबूत सेंटिमेंट का संकेत है।
क्या है मार्केट एक्सपर्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार, डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि राजनीति का माहौल इस समय शेयर बाजार जितना ही उतार-चढ़ाव भरा नजर आ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमलों को 5 दिन के लिए रोकने का संकेत दिया और ईरानी नेतृत्व के साथ “सकारात्मक” बातचीत की बात कही। हालांकि, तुरंत ही ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस दावे का खंडन कर दिया। बाद में उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि कुछ देशों की मध्यस्थता से कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की कोशिशें चल रही हैं।
इन सकारात्मक संकेतों के बाद कच्चे तेल के दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 10% गिरकर 100 डॉलर के आसपास आ गई। वहीं, बाजार यह मानकर चल रहा है कि युद्ध खत्म हो सकता है, जिसका असर अगस्त के अमेरिकी ऑयल फ्यूचर्स में दिख रहा है, जो करीब 80 डॉलर पर ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, निकट भविष्य में युद्ध से जुड़ी खबरों और घटनाक्रमों के चलते बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान एनएसई निफ्टी में शामिल कंपनियों का प्रदर्शन।
इस समय बाजार पर एक बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली का है। बाजार में गिरावट के बावजूद FIIs की बिक्री जारी है, जिसका मुख्य कारण रुपये में लगातार कमजोरी है। इसलिए, बाजार में स्थिरता आने के लिए सबसे पहले रुपये का स्थिर होना जरूरी है। सेक्टोरल स्तर पर देखें तो आईटी और फार्मा सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत बने रह सकते हैं, क्योंकि रुपये में गिरावट से इन क्षेत्रों को फायदा मिलता है।
रुपया 18 पैसे गिरकर 93.71 के स्तर पर
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। रुपया 18 पैसे गिरकर 93.71 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को भी रुपये में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। कारोबार के दौरान रुपया एक समय 94 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया था, हालांकि बाद में संभलते हुए यह 93.53 पर लगभग स्थिर बंद हुआ था।



