Chhattisgarh news: छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर, जगदलपुर में 108 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 4 करोड़ रुपये का था इनाम – RGH NEWS
छत्तीसगढ़ न्यूज़ (समाचार)

 Chhattisgarh news: छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर, जगदलपुर में 108 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 4 करोड़ रुपये का था इनाम

 Chhattisgarh news बस्तर में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच बुधवार को ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ) से जुड़े कुल 108 माओवादी कैडर समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं। इन पर 3.95 करोड़ रुपये का इनाम था।

 

यह कार्यक्रम बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित शौर्य भवन, पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर, लालबाग में दोपहर दो बजे आयोजित हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों तथा जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में माओवादियों कैडर हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाया।

 

जिन 108 माओवादियों ने सरेंडर किया है, उनमें बीजापुर के 37, नारायणपुर के 4, बस्तर के 16, कांकेर के 3, सुकमा के 18 और दंतेवाड़ा के 30 नक्सली शामिल हैं।

 

सुरक्षा बलों ने बरामद किए हथियार और विस्फोटक

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, समर्पण करने वाले कैडरों से मिली सूचनाओं के आधार पर माओवादी विरोधी अभियानों के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी डंप बरामदगी की गई है। बीजापुर सहित बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों में जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री को सुरक्षा बलों ने बरामद किया है। इन बरामद डंप को भी कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।

 

2700 से ज्यादा माओवादियों ने किया सरेंडर

पिछले कुछ वर्षों में बस्तर में माओवादी संगठन को लगातार झटके लगे हैं। समर्पण और पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में 2700 से अधिक माओवादी कैडर हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें कई इनामी माओवादी भी शामिल रहे हैं। इन समर्पित माओवादियों को शासन की पुनर्वास योजना के तहत आर्थिक सहायता, आवास, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

 

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सुरक्षा बलों का मानना है कि लगातार हो रहे समर्पण और अभियान के कारण माओवादी संगठन की कैडर शक्ति और नेटवर्क कमजोर हुआ है, वहीं ‘पूना मारगेम’ जैसी पहल से संगठन छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है।

 

पिछले एक वर्ष में हुए बड़े समर्पण

31 मार्च 2025: 50 माओवादी कैडर ने बस्तर के बीजापुर में हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया, जिनमें कई इनामी सदस्य भी शामिल थे।

 

24 सितंबर 2025: 71 माओवादी कैडर ने दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया।

03 अक्टूबर 2025: 103 माओवादी कैडर ने बीजापुर में समर्पण किया, जिनमें कई महिलाओं समेत शीर्ष माओवादी शामिल थे।

09 अक्टूबर 2025: जिले में 16 माओवादी ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण किया।

17 अक्टूबर 2025: केंद्रीय समिति सदस्य सतीश उर्फ रूपेश समेत 210 माओवादी कैडर ने बड़े पैमाने पर हथियार डालकर समर्पण किया। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे बड़े समर्पणों में से एक माना गया।

26 नवंबर 2025: सुकमा और नारायणपुर जिलों में 43 माओवादी ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण किया।

Chhattisgarh news05 फरवरी 2026: बीजापुर जिले में 12 माओवादी कैडर ने आत्मसमर्पण किया।

07 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ से बाहर, तेलंगाना में भी 130 माओवादी कैडर ने मुख्यमंत्री के सामने आत्मसमर्पण किया

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