धर्म

Holashtak 2026: 23 या 24 फरवरी कब से शुरू होगा होलाष्टक, जाने सही डेट और इन्हें क्यों माना जाता है अशुभ?

Holashtak 2026: होलाष्टक की शुरुआत होली से आठ दिन पहले होती है, और इस अवधि में मांगलिक कार्यों पर रोक लगाई जाती है। इन दिनों में शुभ उत्सवों से बचना चाहिए। होली का त्योहार फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस वर्ष, होली 3 मार्च को है, जबकि रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इस बार होलाष्टक कब शुरू होगा और कब तक चलेगा।

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जाने कब शुरू होगा होलाष्टक?

होलाष्टक का प्रारंभ मंगलवार यानि 24 फरवरी को सुबह 07:03 बजे से होगा. होलाष्टक का अंतिम दिवस lp 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन के साथ होगा. होली से पहले के इन 8 दिनों को ज्योतिष शास्त्र में शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है. ऐसी मान्यता है कि, होलाष्टक के दौरान ब्रह्मांड के ग्रहों का स्वभाव उग्र होता है. इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रहता है. होलाष्टक के दौरान विवाह, नामकरण, मुंडन, ग्रह प्रवेश आदि कार्य नहीं करने चाहिए.

 

होलाष्टक क्यों मानते हैं अशुभ?

होलाष्टक को ग्रहों के उग्र स्वभाव के कारण अशुभ माना जाता है. होलाष्टक के दौरान आठ दिनों तक सौरमंडल के प्रमुख आठ ग्रह उग्र होते हैं. होलाष्टक से पहले अष्टमी तिथि पर चंद्रमा, नवमी तिथि पर सूर्य, दशमी तिथि पर शनि, एकादशी पर बुध, द्वादशी तिथि पर देवगुरु बृहस्पति, त्रयोदशी पर शुक्र, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु का नकारात्मक प्रभाव होता है. यह ग्रह उग्र होते हैं और इस समय  कोई भी शुभ कार्य के लिए अच्छा नहीं होता है.

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होलाष्टक के दौरान प्रहलाद को कष्ट पड़ हिरण्यकश्यप ने शुक्ल अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक अपने पुत्र प्रहलाद त्या कि, इस ि को शोक और का प्रतीक नाता है ि, होलिका दहन के बाद प्रहलाद बच गए और होलिका इस प्रकार बुराई पर अच्छाई की ि हुई, िे वातावरण शुद्ध और हो गयाी कारण, होलाष्टक में मांगलिक कार्यो शास्त्रों में िि ा गया है

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