Raigarh News : रायगढ़ में RTO उड़नदस्ता पर वसूली के आरोप, ‘एंट्री सिस्टम’ से करोड़ों की कमाई का दावा,सरकार बदली, सिस्टम नहीं? रायगढ़ में उड़नदस्ता पर उठे सवाल

Raigarh News : रायगढ़। जिले में क्षेत्रीय परिवहन विभाग के उड़नदस्ता पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों का दावा है कि बिना ‘एंट्री’ कोई भी व्यावसायिक वाहन सड़कों पर नहीं चल पा रहा। आरोप है कि जिन वाहनों की एंट्री नहीं होती, उन्हें पकड़कर 40 से 50 हजार रुपए तक के चालान की धमकी दी जाती है। वहीं, 20 से 30 हजार रुपए के लेनदेन के बाद कई गाड़ियों को छोड़ने की भी चर्चा है।

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सूत्रों का कहना है कि यह पूरा सिस्टम ‘मंथली’ आधार पर चलता है, जिसमें हर माह लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपए की वसूली की बात कही जा रही है। वाहन मालिकों का आरोप है कि प्रतिदिन लाखों रुपए की वसूली हो रही है
‘एंट्री’ नहीं तो भारी फाइन!
चालकों का कहना है कि यदि किसी गाड़ी की एंट्री सूची में नाम नहीं है तो उसे रोककर भारी जुर्माना बताया जाता है। कई मामलों में समझौते के बाद राशि लेकर वाहन छोड़ने के उदाहरण भी सामने आ रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सवालों के घेरे में सिस्टम
अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि इतनी बड़ी राशि की वसूली हो रही है तो इसकी निगरानी कौन कर रहा है? क्या इस पर भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों की नजर है?
प्रदेश में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के लिए छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो जैसी एजेंसी मौजूद है। वहीं आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग भी कार्रवाई करती हैं। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्या इन एजेंसियों की नजर इस पूरे मामले पर जाएगी?

गैर-स्थानीय वाहन चालक भी निशाने पर?
आरोप यह भी है कि बाहरी जिलों या राज्यों से आने वाले गैर-स्थानीय वाहन चालकों से विशेष रूप से वसूली की जाती है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन ‘उड़न दस्ता सिस्टम’ जस का तस बना रहता है।
*आगे होगी खुलासा कौन-कौन है इसका सूत्र आधार*
हमारे संवाददाता इसकी पड़ताल कर रहे हैं अगली कड़ी में यह भी सामने लाया जाएगा कि कथित वसूली में कौन-कौन शामिल हैं, पैसा कहां से आता है और कहां तक पहुंचता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



