
Railway CCTV Camera Installation: भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य रेल (WCR) जोन ने यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। अब रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्म के साथ-साथ चलती ट्रेनों के कोच भी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगे। रेलवे प्रशासन इस योजना के तहत कोचों के भीतर आधुनिक हाई-डेफिनिशन (HD) कैमरे लगाने जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षा का अहसास होगा और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सकेगी। इन कैमरों के जरिए लूटपाट, चोरी और अवैध वेंडरों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। कोच के भीतर की गतिविधियों पर नजर रखने से महिला यात्रियों की सुरक्षा और बढ़ेगी।
कोचों में इंस्टॉल होंगे आधुनिक कैमरे
रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पश्चिम मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। अक्सर ट्रेनों में होने वाली चोरी, लूटपाट और बाहरी क्षेत्रों से होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं को देखते हुए रेलवे ने तकनीक का सहारा लिया है। पश्चिम मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हर्षित श्रीवास्तव के अनुसार, अब स्टेशनों और सर्कुलेटिंग एरिया के बाद ट्रेनों के डिब्बों (कोच) को भी पूरी तरह सुरक्षित किया जा रहा है।
अपराधियों और अवैध वेंडरों पर होगी नजर
ट्रेनों में अक्सर अवैध वेंडरों की गुंडागर्दी और यात्रियों के सामान की चोरी की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कोचों में लगने वाले ये आधुनिक HD कैमरे न केवल इन घटनाओं को रोकेंगे, बल्कि आपातकालीन स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को त्वरित कार्रवाई करने में भी मदद करेंगे। कैमरों की रिकॉर्डिंग के जरिए अपराधियों को पकड़ना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा।
3710 कैमरों का पहला चरण
इस योजना के शुरुआती चरण में पश्चिम मध्य रेल के विभिन्न ट्रेनों के डिब्बों में कुल 3710 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे कोच के प्रवेश द्वार और गलियारों पर नजर रखेंगे। सीपीआरओ ने बताया कि इस कदम से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सफर के दौरान अधिक सुरक्षित महसूस होगा। जानकारी के अनुसार लगाए जा रहे कैमरे उच्च गुणवत्ता वाले हैं, जो कम रोशनी में भी स्पष्ट तस्वीरें कैद करने में सक्षम हैं। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस के पास पुख्ता सबूत होंगे, जिससे जांच प्रक्रिया तेज होगी।



