India-Bangladesh Tensions: बांग्लादेश ने भारत में वीजा सर्विस सस्पेंड की, जानिए क्यों लिया यह फैसला?

India-Bangladesh Tensions: भारत और बांग्लादेश के बीच उपजे तनाव के बीच देश की अंतरिम युनूस सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर दिल्ली सहित भारत में स्थित अपने प्रमुख मिशनों से वीजा सेवाएं निलंबित करने को कहा है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार एम.तौहीद हुसैन ने अपने कार्यालय में एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि बांग्लादेश ने अमेरिका द्वारा हाल में लागू की गई ‘वीजा बॉन्ड’ की आवश्यकता को भी रद्द करने की मांग की है। हुसैन ने कहा, मैंने भारत में स्थित अपने तीनों मिशनों को फिलहाल वीजा संबंधी खंड बंद रखने के लिए कहा है। इसके पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा का मामला है।
कई शहरों पर रोकीं गईं वीजा सेवाएं
हुसैन की यह टिप्पणी तब आई जब कोलकाता स्थित बांग्लादेश के उप उच्चायोग ने रातोंरात वीजा सेवाओं को बंद कर दिया, जबकि दिल्ली और अगरतला में भी इसी तरह के कदम उठाए गए थे, जिनमें व्यापार और कार्य वीजा को इसके दायरे से बाहर रखा गया था। बांग्लादेश के मुंबई और चेन्नई में भी राजनयिक मिशन हैं, जहां वीजा सेवाएं चालू रहीं।
बांग्लादेश ने अमेरिका से लगाई गुहार
हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिकी निर्णय ‘असामान्य नहीं’ था क्योंकि यह केवल बांग्लादेश पर लागू नहीं हुआ है और अमेरिकी प्रशासन के इस कदम के मद्देनजर कई देशों को आव्रजन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस बीच, जब विदेश सलाहकार से पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने में बांग्लादेश की ‘संभावित रुचि’ के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘मैं आज इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। (लेकिन) बातचीत चल रही है। चीजों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा तो आपको पता चल जाएगा।’
हुसैन ने पत्रकारों से यह भी कहा कि बांग्लादेश अमेरिका द्वारा हाल में लागू की गई ‘वीजा बॉन्ड’ की आवश्यकता से छूट प्राप्त करने के लिए राजनयिक प्रयास करेगा। उन्होंने इस निर्णय को ‘निश्चित रूप से हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक’ बताया।
भारत ने भी लगाई थी बांग्लादेश में वीजा पर रोक
India-Bangladesh Tensionsभारत ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए इससे पहले पांच अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा पर रोक लगा दी थी। जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद से बांग्लादेश और भारत के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।


