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Paush Purnima: जानिए कब है पौष पूर्णिमा का व्रत? नोट कर लें सही डेट और व्रत की विधि

Paush Purnima : पौष पूर्णिमा के दिन सूर्य देव और चंद्र देव दोनों की अराधना का विशेष महत्व माना जाता है। कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। कहते हैं पौष पूर्णिमा का व्रत रखने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। साथ ही भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौष पूर्णिमा से ही माघ के महीने में पवित्र नदी में स्‍नान करने की परंपरा शुरू हो जाती है तो वहीं प्रयागराज में इस दिन से माघ मेले की शुरुआत हो जाती है। चलिए आपको बताते हैं पौष पूर्णिमा का व्रत कब रखा जाएगा और इसकी विधि क्या है।

 

पौष पूर्णिमा व्रत 2026 

पौष पूर्णिमा व्रत – 3 जनवरी 2026, शनिवार

पूर्णिमा उपवास के दिन चन्द्रोदय – 05:28 PM

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – 02 जनवरी 2026 को 06:53 PM बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त – 03 जनवरी 2026 को 03:32 PM बजे

पौष पूर्णिमा व्रत का महत्‍व

पाैष पूर्णिमा व्रत रखने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस व्रत में भगवान नारायण, सूर्य देव और चंद्र देव की पूजा होती है। व्रत में अन्न का सेवन नहीं किया जाता। व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह गंगा स्नान जरूर करना चाहिए। अगर आपके आस-पास गंगा नदी नहीं है तो आप घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। इससे भी पुण्य की प्राप्ति होगी।

 

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पौष पूर्णिमा पूजन विधि

Paush Purnimaपौष पूर्णिमा के दिन प्रात:काल जल्‍दी उठें और व्रत का संकल्‍प लें।

फिर किसी पवित्र नदी में स्‍नान करें और वरुण देवता का ध्यान करें।

इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्‍य दें।

अब भगवान नारायण की पूजा करें और उन्‍हें नैवेद्य अर्पित करें।

इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन जरूर करवाएं।

तिल, गुड़, कंबल और ऊनी वस्त्रों का दान इस दिन बेहद शुभ माना गया है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। Rgh एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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