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Meesho IPO: पैसा रखें तैयार! आ रहा है Meesho का आईपीओ, इतने करोड़ रुपये जुटाने की है तैयारी

Meesho IPO सॉफ्टबैंक समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho आगामी 3 दिसंबर को अपना पहला इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ लॉन्च करने जा रहा है। आप इस तारीख से बोली लगा सकेंगे। इस बहुप्रतीक्षित IPO में ₹4,250 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल होगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, सार्वजनिक पेशकश 5 दिसंबर को बंद होगी, जबकि एंकर निवेशकों के लिए शेयर आवंटन 2 दिसंबर को किया जाएगा। यह जानकारी कंपनी द्वारा गुरुवार को दायर रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दी गई है।

 

ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) के तहत शेयर की बिक्री

फ्रेश इश्यू के अलावा, IPO में 10.55 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) भी होगा, जिसमें मीशो के शुरुआती बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इनमें एलिवेशन कैपिटल, पीक XV पार्टनर्स, वेंचर हाईवे और Y कॉम्बिनेटर शामिल हैं। अनेक अन्य निवेशक भी इस प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।

 

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जुटाई गई रकम का उपयोग

कंपनी ने बताया कि IPO से प्राप्त धनराशि क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए, मार्केटिंग और ब्रांड बिल्डिंग में निवेश, अधिग्रहण के माध्यम से इनऑर्गेनिक ग्रोथ, विभिन्न रणनीतिक पहलों की फंडिंग और सामान्य कॉर्पोरेट आवश्यकताएं पूरी करने में खर्च की जाएगी। मीशो का अंतिम मूल्यांकन और IPO का कुल आकार प्राइस बैंड तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा, जिसकी घोषणा शुक्रवार को की जाएगी।

 

 

FY25 में रिकॉर्ड ग्रोथ: 1.8 बिलियन ऑर्डर्स प्रोसेस

वित्त वर्ष 2024-25 में मीशो ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की:

5 लाख से अधिक सक्रिय विक्रेता

199 मिलियन वार्षिक ट्रांजैक्टिंग यूजर्स

 

1.8 बिलियन ऑर्डर्स प्रोसेस

 

कंपनी का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू यानी NMV वित्त वर्ष 2025 में 29% बढ़कर ₹29,988 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वर्ष FY24 में यह वृद्धि 21% थी। NMV सफलतापूर्वक डिलीवर किए गए ऑर्डरों का कुल चेकआउट मूल्य होता है, जो किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की ग्राहक पकड़, रिपीट उपयोग और संपूर्ण बिजनेस हेल्थ का महत्वपूर्ण पैमाना है।

 

FY25 में ₹3,942 करोड़ का नेट लॉस

Meesho IPO वित्त वर्ष 2025 में मीशो को ₹3,942 करोड़ का नेट लॉस हुआ। कंपनी के अनुसार, यह नुकसान मुख्यतः वन-टाइम एक्सेप्शनल आइटम्स जैसे रिवर्स फ्लिप टैक्स और परक्विज़िट टैक्स की वजह से हुआ, जो कंपनी के पब्लिक कंपनी स्ट्रक्चर में बदलाव के समय अनिवार्य थे।

 

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