हिंदू धर्म में भगवान श्री कृष्ण की पूजा सभी दुखों को दूर करके सुख-सौभाग दिलाने वाली मानी गई है. यही कारण है कि कृष्ण भक्तों को पूरे साल कान्हा से जुड़े जन्माष्टमी पर्व का पूरे साल इंतजार बना रहता है. मान्यता है कि जो कोई व्यक्ति पूरे जन्माष्टमी के दिन

श्री कृष्ण पर श्रद्धा-विश्वास रखते हुए विधि-विधान से उनकी पूजा और व्रत को करता है, उसके सात जन्मों के पाप-ताप दूर हो जाते हैं. कृष्ण कृपा से उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. आइए जानते हैं कि जन्माष्टमी पर कान्हा की पूजा करने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत पड़ती है.

खीरा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूजा बगैर खीरे के अधूरी मानी जाती है क्योंकि जिस तरह बच्चे के जन्म के समय उसे मां से अलग करने के लिए उसकी गर्भनाल को काटा जाता है, कुछ वैसे ही जन्माष्टमी पर खीरा को प्रतीक रूप में काटकर उन्हें उनकी माता से अलग किया जाता है.

उसके बाद उन्हें नहला-धुलाकर विधि-विधान से पूजा की जाती है. मुरली भगवान श्रीकृष्ण को मुरली बजाना बहुत पसंद था. जिसे वे हर समय अपने पास लिए रहा करते थे. ऐसे में यदि आप जन्माष्टमी के दिन उन्हें मुरली अर्पित करते हैं तो निश्चित रूप पर श्रीकृष्ण प्रसन्न होकर आपकी कामना को पूरा करेंगे.

मोर पंख कान्हा को गाय की तरह मोर से भी लगाव था. यही कारण है कि वे मोर के पंख को हमेशा अपने मस्तक पर धारण किए रहते थे, इसलिए इस जन्माष्टमी पर कान्हा को मोर पंख चढ़ाना न भूलें.

वैजयंती माला भगवान श्री कृष्ण को सजाने के लिए यदि आप तमाम तरह की ज्वैलरी ले रहे हैं तो आप उसमें वैजयंती की माला लेना बिल्कुल न भूलें क्योंकि यह श्रीकृष्ण को बहुत ज्यादा प्रिय थी.

माखन-मिश्री भगवान श्री कृष्ण को भोग में माखन-मिश्री जरूर चढ़ाएं. मान्यता है कि जन्माष्टमी पर मक्खन का भोग लगाने पर कन्हैया शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं.