Ahmedabad Air India Plane crash; केंद्रीय मंत्री का बड़ा फैसला, अहमदाबाद विमान हादसे में साजिश के एंगल से भी होगी जांच, तीन महीने में आएगा रिपोर्ट..

Ahmedabad Air India Plane crash अहमदाबाद में 12 जून को हुए एअर इंडिया विमान हादसे की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है, जिसमें साजिश (सबोटाज) की संभावना को भी खंगाला जा रहा है। यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने दी है। उन्होंने कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) इस मामले की पूरी जांच कर रहा है। ब्लैक बॉक्स भारत में (AAIB के पास) है, उसे विदेश नहीं भेजा जाएगा।
केंद्रीय मंत्री मोहोल पुणे में NDTV के कार्यक्रम ‘एमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव’ में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था। AAIB इसकी हर एंगल से जांच कर रहा है। CCTV फुटेज देखे जा रहे हैं और कई एजेंसियां मिलकर जांच में जुटी हैं।’
अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा है।
रिपोर्ट तीन महीने में आने की संभावना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह इंजन फेलियर, फ्यूल सप्लाई की समस्या या कोई तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुआ। ब्लैक बॉक्स में मौजूद CVR और FDR की जांच की जा रही है। 3 महीने में रिपोर्ट आने की संभावना है।
प्लेन क्रैश की जांच में संयुक्त राष्ट्र शामिल होगा, ICAO ऑब्जर्वर को भारत की परमिशन
एअर इंडिया के ड्रीमलाइनर प्लेन हादसे की जांच में संयुक्त राष्ट्र शामिल होगा। संयुक्त राष्ट्र की विमानन संस्था ICAO (इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन) के एक विशेषज्ञ को ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल होने की इजाजत भारत सरकार ने दे दी है। ICAO ने जांच में शामिल होने की इजाजत मांगी थी। भारत ने पारदर्शिता के साथ जांच करने के इरादे से संयुक्त राष्ट्र को इसमें शामिल करने का फैसला लिया है।
हादसे की जांच 13 जून से ही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम कर रही है। इसमें विमानन चिकित्सा विशेषज्ञ, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अफसर और अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
Ahmedabad Air India Plane crashउन्होंने बताया कि DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) के आदेश पर एअर इंडिया के सभी 33 ड्रीमलाइनर विमानों की जांच कर ली गई है और सब कुछ सुरक्षित पाया गया है। ये हादसा एक अपवाद था, अब लोग बिना डर के यात्रा कर सकते हैं।



