PM Modi Cabinet Decisions: मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, केंद्रीय कर्मचारियों का दो फीसदी बढ़ाया महंगाई भत्ता..
PM Modi Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार 28 मार्च को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सभी केंद्रीय कर्मचारियों को दो फीसदी महंगाई भत्ता देने का फैसला हुआ है। कैबिनेट के अन्य फैसलों में बिहार में 120 किलोमीटर लंबाई के नए हाईवे बनाने को भी मंजूरी दी गई है।
एक अन्य फैसले में बिहार में कोसी नदी को मेची नदी से जोड़ने का रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट भी मंजूर किया गया है इसकी लागत 6282 करोड़ रुपए होगी। इसके अलावा पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर के निर्माण को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के साथ ही अब डीए 53% से बढ़कर 55% हो जाएगा। सरकार का यह कदम बढ़ती मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने और कर्मचारियों के वेतन को 8वें वेतन आयोग से पहले संतुलित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इससे पहले, जुलाई 2024 में भी डीए में वृद्धि की गई थी, जब इसे 50% से बढ़ाकर 53% किया गया था। इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिरता में सुधार होगा।
कोसी से जुड़ेगी मेची नदी
कैबिनेट ने बिहार की कोसी-मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के तहत मंजूरी दी है। 117.5 किमी लंबी इस परियोजना में वीरपुर से मेची नदी तक नहर का विस्तार होगा। 1962 में बनी नहर की क्षमता 425 क्यूमेक से बढ़ाकर 573 क्यूमेक की जाएगी, जिससे सिंचाई सुविधा बेहतर होगी।
बता दें, कोसी नदी पूरे बिहार राज्य में बहने वाले पानी का एक प्रमुख स्रोत है और कोसी नदी के पानी को मेची नदी से जोड़ने के लिए 6,282 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना भारी आर्थिक लाभ और महत्वपूर्ण आपदा प्रबंधन प्रदान करेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
PM Modi Cabinet Decisionsकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹22,919 करोड़ की वित्तीय सहायता के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना को मंजूरी दी है। यह पहल भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भर बनाने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद करेगी, जिससे रोजगार और टेक्निकल इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।



