छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती कि प्रक्रिया रद्द, इस वजह से लिया गया बड़ा फैसला?. – RGH NEWS
छत्तीसगढ़ न्यूज़ (समाचार)

छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती कि प्रक्रिया रद्द, इस वजह से लिया गया बड़ा फैसला?.

Cg News:  छत्तीसगढ़ सरकार ने राजनांदगांव में होने वाली आरक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी गई ।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद गृह मंत्री विजय शर्मा ने आदेश जारी किया। साथ ही पूरे मामले की जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से किया जाएगा।

Read More:Automobile sales in 2024: छत्तीसगढ़ बना ऑटोमोबाइल सेक्टर में देश का नंबर वन राज्य.

भ्रष्टाचार के खिलाफ आरोप

यह भर्ती प्रक्रिया शुरू से ही सवालों के घेरे में रही। भ्रष्टाचार के आरोप लगे। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में शामिल कुछ आरक्षकों को जांच के दायरे में रखा गया। इन्हीं में से एक आरक्षक अनिल रत्नाकर के आत्महत्या  ने पिछले दिनों फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

ऐसे हुआ गड़बड़ी का खुलासा…??

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले मे स्थित बटालियन में 16 नवम्बर से 528 पदों पर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिसमें फिजिकल टेस्ट के दौरान नंबरों में गड़बड़ी का खुलासा हुआ था। इस भर्ती प्रक्रिया के फिजिकल टेस्ट व गोला फेंक प्रभारी डीएसपी तनुप्रिया ठाकुर ने मामले की लालबाग थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरअसल भर्ती प्रक्रिया में तनुप्रिया की ड्यूटी शारीरिक दक्षता परीक्षा में लगी थी। बैच नंबर 1 के सरल कमांक 17 चेस्ट नंबर 1261 अभ्यर्थी का नाम मीना गोला फेंक इवेंट में 20 अंक होना व 8.117 मीटर रिकॉर्ड दर्ज है। जबकि इवेंट के दौरान किसी भी अभ्यर्थी द्वारा 20 अंक प्राप्त नहीं किया गया था। जिस पर प्रार्थिया डीएसपी तनुप्रिया को शंका हुई। इस आधार पर तकनीकी गड़बड़ी को लेकर जांच शुरू की गई है। 

Read More:National Bravery Awards: आज देश के 17 बच्चों को मिलेगा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी सम्मानित…

इतने अभ्यर्थियों का डेटा संदिग्ध, एक को भेजा जेल

  • इस बीच, पुलिस आरक्षक भर्ती शारीरिक दक्षता परीक्षा में फर्जीवाड़ा की परतें खुलती जा रही है। भर्ती के दौरान सॉफ्टवेयर में 31 अभ्यर्थियों का डेटा संदिग्ध पाया गया है। इनमें एक अभ्यर्थी मीना भी है
  • मंगलवार को लालबाग पुलिस ने कबीरधाम बांधा पंडरिया निवासी 32 वर्षीय मीना पात्रे को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया है। वहीं शेष जिन अभ्यर्थियों का डेटा संदिग्ध पाया गया है, उनका सत्यापन किया जा रहा है।
  • सत्यापन के बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले पुलिस ने शारीरिक दक्षता परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले चार पुलिसकर्मी और टाइमिंग टेक्नालाजी कंपनी के दो कर्मचारियों को जेल भेज चुकी है।
  • मामले में अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 14 दिसंबर को मीना पेंड्री स्थित आठवीं बटालियन में शारीरिक दक्षता परीक्षा देने आई थी। इवेंट के दौरान पुलिसकर्मी को आर्थिक लालच दिया था।

 

Related Articles

Back to top button