Raigarh News: रायगढ़ में हाथी ने ग्रामीण को उतारा मौत के घाट,25 हाथियों का दल गांव पहुंचा
Raigarh News छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों ने उत्पात जारी है। शनिवार की सुबह धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथी ने एक ग्रामीण का कुचल दिया। हाथी अचानक सामने आया, ग्रामीण को भागने का मौका नहीं मिला। हाथी ने ग्रामीण को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया।

वहीं दूसरी घटना सारंगढ़ जिले की है। गोमर्डा अभ्यारण्य सारंगढ़ रेंज में हाथियों ने मकान की दीवार को ढहा दिया। इससे बुजुर्ग दंपति घायल हो गए। दोनों पति-पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जंगल डोरी बीनने गया था
धरमजयढ़ वन मंडल में हुई घटना में बताया जा रहा है कि कुडे़केला बीट क्षेत्र में रहने वाला राजू दास महंत डोरी बीनने के लिए गया था। छाल वन परिक्षेत्र के लालाडेरा जंगल से कुछ दूरी पर हाथी से उसका सामना हो गया। हाथी के हमले से उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय अमला मौके पर पहुंचा और शव का पंचनामा कर आगे की प्रक्रिया में जुट गई है।
25 हाथियों का दल गांव पहुंचा
गोमर्डा अभ्यारण्य सारंगढ़ रेंज में रात करीब 12 बजे 25 हाथियों का दल बगबंध गांव पहुंच गया। एक घर में महुआ रखा हुआ था। हाथियों ने मकान के एक ओर की दीवार को ढहा दिया। इससे घर में सो रहे चैतराम बहिरा और उनकी पत्नी ननकी दाई घायल हो गई।
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घटना की जानकारी मिलते ही गोमर्डा अभ्यारण्य रेंजर सहित पूरा वन अमला मौके पर पहुंचा और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। वन विभाग के अधिकारियों ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
ड्रोन से कर रहे मॉनिटरिंग
धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में ग्रामीण की मौत के बाद हाथी की मॉनिटरिंग ड्रोन से की जा रही है। उस पर नजर रखी जा रही है कि वह किस ओर जा रहा है। ताकि ग्रामीणों को पहले ही सूचना दी जा सके।
पुटू-डोरी बीनने जंगल जाते हैं ग्रामीण
विभागीय अमले का कहना है कि मशरूम, पुटू, डोरी का सीजन है। ग्रामीण इस सीजनल सब्जियों को बीनने हाथी प्रभावित क्षेत्र में चले जाते हैं। जिसके बाद उनका सामना अचानक हाथियों से होता है तो हाथी उन पर हमला कर देते हैं।
गांव-गांव में कराई जा रही मुनादी
Raigarh News बताया जा रहा है कि धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की लगातार ट्रेकिंग की जा रही है। ट्रैकर और हाथी मित्र दल के सदस्य हाथियों की निगरानी कर रहे हैं। जिस गांव के करीब हाथियों का दल पहुंचता है, आसपास पूरे क्षेत्र में मुनादी करा दी जाती है। ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।



