Cg News: छत्तीसगढ़ के इस जिले मे डायरिया का कहर, 24 मरीज इसकी चपेट मे…

Cg News डायरिया से पीड़ित परिवारों के घर पहुंच कर कलेक्टर अवनीश शरण ने उनसे भेंट मुलाकात की। साथ ही बात चित से जानना चाहा कि आखिर विशेष इलाकों में ही डायरिया का कहर क्यों हुआ। रतनपुर का महामाया वार्ड तीन में डायरिया के ज्यादा मरीज मिले हैं। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी भेंटकर उपचार व्यवस्था का जानकारी लिया। वहीं चिकित्सकों को बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। फिलहाल 24 मरीजों का इलाज सामुदायिक अस्पताल में चल रहा है और सभी के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सुविधा चाहिए तो तत्काल टीम से संपर्क करें।
*डायरिया के प्रमुख कारण *
डायरिया का सबसे बड़ा कारण एक वायरस है जो आंतों पर बुरा प्रभाव डालता है। इसे वायरल गैस्ट्रो एंड्राइड व आंतों का फ्लू भी कहते हैं। हालांकि, डायरिया के दूसरे भी कारण हो सकते हैं जैसे कि:
- इंफेक्शन होना
- खान-पान में एहतियात न बरतना
- किसी दवा का साइड इफेक्ट्स होना
- खान-पान की चीजों के प्रति एलर्जी होना
- वायरल इंफेक्शन होना
- रेडिएशन थेरेपी कराना
- फूड पोइजनिंग होना
- गंदगी के कारण
*डायरिया के प्रमुख लक्षण *
डायरिया के कई लक्षण होते हैं जिनकी मदद से आप इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि आपको डायरिया की समस्या है। डायरिया के लक्षणों में निम्न शामिल हैं:
- पानी का मल (पतला मल) आना
- अत्यधिक मतली आना
- पेट में दर्द और सूजन होना
- शरीर में पानी की कमी होना
- बार-बार बुखार आना
- मल के साथ खून आना
- बदहजमी की शिकायत होना
- भूख में कमी आना
- पेट में ऐंठन होना
- कभी-कभी मतली के साथ उल्टी होना
**स्वास्थ्य, राजस्व एवं नगर पालिका अधिकारियों की बैठक **
कलेक्टर ने जाँच के के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य, राजस्व एवं नगर पालिका अधिकारियों की बैठक ली और आपसी तालमेल के साथ सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। स्थानीय तहसीलदार को सभी मरीजों के ठीक होने तक मुख्यालय नहीं छोड़ने को कहा है। उन्होंने निवासियों को भी सचेत किया है कि साफ पानी पीने के साथ स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखें। कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि मरीज के पूरी तरह ठीक होने के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दिया जाए। बीएमओ ने बताया कि अस्पताल में सभी तरह की दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। एक दवाई की कमी थी, जिसे स्थानीय स्तर पर खरीद लिया गया है।
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“”नाली और पाइपलाइन का किया निरिक्षण “”
कलेक्टर शहर डायरिया फैलने की वजह तलाशते रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्र के नाली एवं इससे होकर गुजरे पाइपलाइन का भी निरीक्षण किया। कुछ जगहों पर टुल्लू पम्प से पानी खिंचने वाली पाइप लीकेज होने की जानकारी मिली। उन्होंने सभी नागरिकों से पाइप बदलने को कहा है। नगरपालिका अधिकारी को भी पाइपलाइन की अच्छी तरह परीक्षण कर जरूरत के अनुरूप बदलने के निर्देश दिए।
*कुपोषित बच्चों के लिए बने नाश्ते का स्वाद चखा*
कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित (पोषण पुनर्वास केन्द्र) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के लिए बने नाश्ते को चखकर इसकी गुणवत्ता की जांच की। यहां उपलब्ध सभी नौ बेड भरे हुए हैं।u एनआरसी में बच्चों एवं उनके अभिभावकों के मनोरंजन के लिए एक टीवी खरीदने की स्वीकृति दी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम रात्रे, एसडीएम युगल किशोर उर्वशा, सीएमएचओ डा़ प्रभात श्रीवास्तव, तहसीलदार पंकज सिंह, नगर पालिका अधिकारी हरदयाल रात्रे, बीएमओ डा़ मिथलेश गुप्ता, डीपीएम पूीयूली मजूमदार, बीपीएम श्वेता सिंह सहित चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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*डायरिया की आशंका, शहरी क्षेत्र में सर्वे शुरू*
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मानसून के आते ही डायरिया की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में वर्षा शरू होते ही डायरिया को लेकर सर्वे शुरू कर दिया गया है। इस मौसम में हर बार शहर के कई क्षेत्रों में डायरिया का प्रकोप देखने को मिलता है। इसे फैलने से रोकने के लिए सर्वे करने का निर्णय लिया गया है।
**स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा सर्वे के निर्देश **
शहर मे जहां हर वर्ष डायरिया के मरीज मिलते हैं, वहां शहर और मोहल्ले पर सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता और क्षेत्र की मितानिनों को घर-घर सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही आवश्यक दवाओं का वितरण किया जा रहा है। बिलासपुर शहर के अंतर्गत तालापारा, तारबाहर, टिकरापारा, सिरगिट्टी, हेमूनगर, अटल आवास, तिफरा आदि क्षेत्रों में हर साल डायरिया के मरीज मिलते हैं। स्वास्थ्य विभाग की मन मुताबिक है कि यदि कही भी डायरिया फैलने की आशंका बन रही है, तो उसे खत्म कर दिया जाये , ताकि बीमारी की चपेट से लोगो का बचाव हो सके।
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**तालापारा बहुत ही ज्यादा संवेदनशील**
डायरिया को लेकर तालापारा क्षेत्र को बेहद ही गंभीर सूची में रखा गया है। पिछले साल यहां पर दूषित पानी पीने की वजह से डायरिया फैला था। लगभग 400 से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हुए थे और छह की मौत हुई थी। इसे देखते हुए तालापारा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जाएगा। डायरिया को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है।
**डायरिया की रोकथाम**
शुद्ध पानी पीएं
अच्छी तरह पका हुआ खाना खाएं
ताजा पके हुए गर्म खाने का सेवन करें
कच्चे भोजन का सेवन करने से बचे
चाय, कॉफी, सोडा, चॉकलेट आदि के सेवन से बचें
बार-बार हाथ धोएं और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें
बचे हुए खाने को तुरंत फ्रिज में रख दें
**मौसम से परिवर्तन के कारण अस्पताल मे बीमारी के बढ़ रहे मामले **
Cg News : गर्मी के बाद हर साल बरसात के मौसम के शुरुआत में उल्टी, दस्त के मरीज बढ़ते हैं। साफ सफाई पर ध्यान नहीं देने पर इसके मामले बढ़ने की आशंका भी ज्यादा रहती है । सिम्स और जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त के मामले सामने आने लगे हैं। इसे डायरिया से जोड़कर देखा जा रहा है।



