
RGHNEWS सूर्य-नमस्कार को सर्वांग व्यायाम भी कहा जाता है, समस्त यौगिक क्रियाओं की भांति सूर्य-नमस्कार के लिये भी प्रातः काल सूर्योदय का समय सर्वोत्तम माना गया है। सूर्य नमस्कार हमेशा खुली हवादार जगह पर कम्बल का आसन बिछा खाली पेट अभ्यास करना चाहिये। इससे मन शान्त और प्रसन्न हो तो ही योग का सम्पूर्ण प्रभाव मिलता है। सूर्य नमस्कार तेरह बार करना चाहिये और प्रत्येक बार सूर्य मंत्रों के उच्चारण से विशेष लाभ होता है,
अगर तमाम प्रयास के बावजूद जीवन में तरक्की न हो पा रही हो, सब कुछ रुक सा गया हो तो नित्य प्रातः जल मे जरा सी रोली मिलाकर जल अर्पित करें. जल अर्पित करने के बाद “ॐ आदित्याय नमः” का जप करें. नित्य यथाशक्ति अपनी शक्ति के अनुसार दिन मे एक व्यक्ति की सहायता जरूर करें और रविवार के दिन सरसो का तेल और नमक ग्रहण न करे
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