*✍️आपके अकाउंट से अगर किसी हैकर्स ने उड़ाए पैसे तो अब आपकी नही बल्कि बैंक की होगी जवाबदेही,की जाएगी आपके नुकसान की भरपाई…*

RGHNEWS नई दिल्ली. राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने एक अहम फैसला सुनाया है. राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने फैसले में कहा है कि हैकर्स या अन्य कारणों से ग्राहक के बैंक खाते से पैसे निकाले जाते हैं या धोखाधड़ी की जाती है तो इसमें ग्राहक की लापरवाही नहीं है. इस तरह के मामलों में बैंक प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है. आयोग ने एक निजी बैंक को हैकर्स द्वारा निकाले पैसे के साथ-साथ केस का खर्च और मानसिक प्रताड़ना झेलने के एवज में भी पैसे देने को कहा है. पिछले साल ही 20 जुलाई को देश में मोदी सरकार ने नया कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 लागू किया था. इस एक्ट के लागू हो जाने के बाद देश में इस तरह का यह पहला मामला है, जिसमें राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने बैंक प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है.
बैंक की जवाबदेही ऐसे तय होगी
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के जज सी विश्वनाथ ने क्रेडिट कार्ड की हैकिंग की वजह से एक एनआऱआई महिला से हुई धोखाधड़ी में बैंक को जिम्मेदार ठहराया है. जज ने एचडीएफएसी बैंक की ओर से दायर याचिका खारिज करते हुए आदेश जारी किया कि बैंक पीड़ित महिला को 6 हजार 110 डॉलर यानी करीब 4.46 लाख रुपये 12 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस लौटाए.उपभोक्ता विवाद आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि बैंक पीड़िता को मानसिक मुआवजे के तौर पर 40 हजार और केस खर्च 5 हजार रुपये भी लौटाए. आयोग का कहना था कि बैंक ने ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया, जिसमें पीड़िता का क्रेडिट कार्ड किसी अन्य ने चोरी कर लिया था. दूसरी तरफ पीड़ित महिला ने दावा किया कि उसके खाते से पैसे किसी हैकर ने निकाले हैं और बैंक के ई-बैंकिंग सिस्टम में खामी है.