चंद्रयान-3 के लॉन्च का काउंटडाउन शुरू…चंद्रयान-3 को ले जाएगा ये रॉकेट

Chandrayaan-3 launch : बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 मिशन के लिए ‘मिशन तत्परता समीक्षा’ (एमआरआर) पूरी कर ली है। इसरो ने बुधवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘(एमआरआर) बोर्ड ने प्रक्षेपण को अधिकृत कर दिया है। उल्टी गिनती कल से शुरू होगी।’’ अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस सप्ताह प्रक्षेपित किये जाने वाले चंद्रयान-3 मिशन के लिए संपूर्ण प्रक्षेपण तैयारी और प्रक्रिया का 24 घंटे का ‘‘प्रक्षेपण पूर्वाभ्यास’’ किया। मिशन को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से 14 जुलाई को प्रक्षेपण यान मार्क 3 (एलवीएम3) से अपराह्न 2:35 बजे प्रक्षेपित करने की योजना है।

चंद्रयान-3 को ले जाएगा ये रॉकेट
चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग के लिए इसरो LVM-3 लॉन्चर यानी रॉकेट का इस्तेमाल कर रहा। यह भारी सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में छोड़ सकता है। यह 43.5 मीटर यानी करीब 143 फीट ऊंचा है। 642 टन वजनी है। यह LVM-3 रॉकेट की चौथी उड़ान होगी। यह चंद्रयान-3 को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में छोड़ेगा। यानी 170×36500 किलोमीटर वाली अंडाकार कक्षा। इससे पहले इसे GSLV-MK3 बुलाते थे। जिसके छह सफल लॉन्च हो चुके हैं।
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Chandrayaan-3 launch इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन चंद्रमा पर अपने स्पेसक्राफ्ट उतार चुके हैं। इस मिशन में भारत चांद की धरती पर एक लैंडर उतारेगा। इस लैंडर में एक रोवर भी है, जो चंद्रमा की धरती पर घूमेगा और वहां कुछ प्रयोग करेगा। लैंडर चांद पर एक लूनर दिन तक रहेगा। एक लूनर दिन धरती के 14 दिन के बराबर होता है। चंद्रयान-3 के लैंडर की चांद की सतह पर लैंडिंग के लिए जरूरी है कि वहां सूरज निकला हो। लैंडर के लिए सनलाइट जरूरी है। चांद पर 14-15 दिन सूरज निकलता है और बाकी 14-15 दिन सूरज नहीं निकलता है



