*✍️कोकड़ीतराई मैं ग्रामीणों ने लगाया आरोप सर्वे ठीक से नहीं हुआ, 400 लोगों में सिर्फ 100 को ही दिया नोटिस, वहां का प्रभारी तहसीलदार क्या बोले पढ़ें पूरी खबर….!!!*

RGHNEWSप्रशांत तिवारी कोकड़ीतराई जलाशय की जमीन पर कब्जा करने वाले जिन 100 लोगों को नोटिस दिया गया था, उनमें कुछ मंगलवार को तहसील कोर्ट पहुंचे। चिरईपानी गांव के लोगों ने उल्टा राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर ही आरोप लगा दिया कि सर्वे ठीक से नहीं किया गया है। जलाशय की जमीन पर 400 से अधिक लोगों को कब्जा है, उनमें सिर्फ 100 लोगों को ही क्यों नोटिस दिया गया। प्रभारी तहसीलदार ने जल्द ही सर्वे पूरा होने की बात कही है।
अपना पक्ष रखने आए अतिक्रमणकारियों में एक राकेश पटेल ने बताया कि वे कोकड़ीतराई में 20 वर्षों से काबिज हैं। ज्यादातर लोग कामकाजी और बाहर से आकर बसे हैं। जमीन खाली देखकर और कुछ लोगों ने खरीदकर घर बना लिए हैं। अब उन्हें हटने के लिए कहा जा रहा है।जलसंसाधन विभाग से आरटीआई के तहत जानकारी लेने के बाद तहसील न्यायालय में जवाब देंगे। पटेल ने कहा कि गांव के कुछ लोगों ने जमीन खाली पाए जाने के बाद वहां पर खरीद ब्रिक्री शुरू की। जल संसाधन विभाग नहीं दे रहा है भूअर्जन का पूरक पत्रक – कोकड़ीतराई जलाशय पर कब्जे के बाद राजस्व विभाग सर्वे कर रहा है। राजस्व विभाग को जलसंसाधन विभाग ने अब तक भूअर्जन का पूरक पत्रक उपलब्ध नहीं कराया है। कई गांवों में छूटी हुई जमीन की जानकारी नहीं है, जलाशय बनाने के लिए इस रकबे का पूरक भू-अर्जन किया था। परसदा, किरोड़ीमलनगर, उच्चभिट्टी जैसे कुछ गांवों में सर्वे हुआ ही नहीं है।
नाम बताएं हम जोड़ेंगे, कई गांव में सर्वे अभी बाकी
प्रभारी तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने बताया कि कोकड़ीतराई या दूसरे गांवों में सर्वे के बाद जिन लोगों का नाम छोड़ने की बात लोग कह रहे हैं। उन सारे लोगों के नाम गांव के लोग हमें उपलब्ध कराएं। उन्हें नोटिस जारी करेंगे, अभी कुछ गांव का सर्वे होना बाकी है।



