हड़ताल से दिल्ली-एनसीआर में सेवाएं प्रभावित

Delhi ncr जोमैटो के स्वामित्व वाली कंपनी ब्लिंकिट इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में अपना संचालन करने में चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी के सामने यह स्थिति डिलीवरी पार्टनर्स के पे स्ट्रक्चर में बदलाव करने के बाद पैदा हुई है। कंपनी ने भुगतान के अपने नए ढांचे के तहत डिलीवरी पार्टनर्स को प्रति किलोमीटर के आधार पर भुगतान की बात कही है। डिलीवरी पार्टनर कंपनी के इस फैसले का जमकर विरोध करते हुए हड़ताल पर चले गए हैं। कंपनी की ओर से डिलीवरी पार्टनर्स के भुगतान का यह ढांचा जब से अमल में लाया गया तब से लगभग आधे ब्लिंकिट डिलीवरी पार्टनर्स ने काम छोड़ दिया है। कुछ लोगों ने कंपनी के इस फैसले के बाद जेप्टो, स्विगी और अमेजन जैसे प्लेटफॉर्म्स का दामन थाम लिया है।
डिलीवरी पार्टनर्स की कमी से कंपनी को झेलनी पड़ रही परेशानी
रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल स्थिति यह है कि डिलीवरी पार्टनर्स की नाराजगी के कारण कंपनी अपने ग्राहकों को सही समय पर डिलीवरी उपलब्ध कराने में संघर्ष कर रही है। अपने बचे हुए डिलीवरी पार्टनर्स को बचाने के लिए कंपनी ने नए सिरे से अतिरिक्त इंसेंटिव और रेफरल बोनस का ऑफर दिया है। हालांकि इसके बावजूद कंपनी डिलीवरी पार्टनर्स के हड़ताल के पहले की तुलना में 30% कम ऑर्डर ही सर्व कर पा रही है।
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Delhi ncr हड़ताल से कंपनी का राजस्व प्रभावित होने का अनुमान
ब्लिंकिट की सेवाओं के प्रभावित होने का परिणाम यह हो रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में उसकी प्रतिद्वंद्वियों बिगबास्केट, जेप्टो और इंस्टामार्ट के डेली ऑर्डर में 25%-50% की वृद्धि दिख रही है। ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार सेवा में व्यवधान से ब्लिंकिट को वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में 1% राजस्व के नुकसान का अनुमान है। वहीं जोमैटो ने कहा है कि ब्लिंकिट के डिलीवरी पार्टनर्स की हड़ताल का कंपनी के राजस्व पर 1% से कम असर पड़ेगा।


