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मार्च 2022 तक मिलता रहेगा गरीबों को फ्री राशन,अन्न योजना को 4 महीने बढ़ाया,

केंद्रीय कैबिनेट ने गरीब कल्याण अन्न योजना को 4 महीने (31 मार्च, 2022) तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन बांटा जा रहा है। कोरोना के दौरान इस योजना को शुरू किया गया था। बाद में इसे 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया था। आज कैबिनेट ने इसे आगे जारी रखने को अप्रूवल दे दिया है।

इधर, एक और फैसले में कैबिनेट ने तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच दिन पहले (19 नवंबर) गुरु पर्व के दिन इन तीनों कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद कानून वापसी के प्रस्ताव को संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में पारित करवाया जाएगा। इसके बाद किसान आंदोलन की वजह बने तीनों कृषि कानून खत्म हो जाएंगे।

मोदी ने शुक्रवार को कृषि कानून वापसी का ऐलान किया था
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को देश के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार ये कानून किसानों के हित में नेक नीयत से लाई थी, लेकिन हम कुछ किसानों को समझाने में नाकाम रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले संसद सत्र में कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं, एक्सपर्ट्स के मुताबिक संसद सत्र शुरू होने के बाद कम से कम 3 दिन में ये प्रक्रिया पूरी हो सकती है। संसद सत्र 29 नवंबर से शुरू होना है।

कैसे वापस होंगे कृषि कानून?
तीनों नए कृषि कानूनों को 17 सितंबर, 2020 को लोकसभा ने मंजूर किया था। राष्ट्रपति ने तीनों कानूनों के प्रस्ताव पर 27 सिंतबर को दस्तखत किए थे। इसके बाद से ही किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया था। संविधान एक्सपर्ट विराग गुप्ता के मुताबिक, किसी भी कानून को वापस लेने की प्रक्रिया भी उसी तरह होगी, जिस तरह से कोई नया कानून बनाया जाता है।

  • सबसे पहले सरकार संसद के दोनों सदनों में इस संबंध में बिल पेश करेगी।
  • संसद के दोनों सदनों से ये बिल बहुमत के आधार पर पारित किया जाएगा।
  • बिल पारित होने के बाद राष्ट्रपति के पास जाएगा। राष्ट्रपति उस पर अपनी मुहर लगाएंगे।
  • राष्ट्रपति की मुहर के बाद सरकार नोटिफिकेशन जारी करेगी।
  • नोटिफिकेशन जारी होते ही कृषि कानून रद्द हो जाएंगे।

कोरोना संकट में शुरू हुई थी स्कीम
कोरोना संकट के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का मार्च 2020 में ऐलान किया गया था। गरीब कल्याण अन्न योजना का मकसद कोरोना महामारी द्वारा हुए तनाव को कम करना है। शुरुआत में PMGKAY स्कीम को अप्रैल-जून 2020 की अवधि के लिए लॉन्च किया गया था, लेकिन बाद में इसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया था।

80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत, सरकार नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत पहचान किए गए 80 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त राशन दिया जाता है। मुफ्त राशन कार्डधारकों को राशन की दुकानों के जरिए उनको मिलने वाले सब्सिडी वाले अनाज के अलावा PMGKAY का राशन दिया जाता है।

OMSS स्कीम में चावल-आटा

सरकार OMSS पॉलिसी के तहत थोक ग्राहकों को चावल और आटा दे रही है, जिससे घरेलू बाजार में उनकी उपलब्धता में सुधार हो सके और कीमतों को भी काबू में करने में मदद मिले।

प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज

कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन की वजह से रोजी-रोटी के लिए परेशान लोगों को सरकार ने फ्री राशन योजना शुरू की थी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीबों को मुफ्त प्रति व्यक्ति 5 किलो खाद्यान्न मिलता है। पीएचएच योजना के प्रत्येक लाभार्थी को पांच किलो एवं अंत्योदय योजना के कार्डधारियों को 35 किलोग्राम नियमित खाद्यान (दो रुपये प्रति किलो गेहूं व तीन रुपये प्रति किलो चावल) दिया जाता है।

कितनी तरह की योजना

गरीबों के बीच अनाज वितरण के लिए PMGKAY के अलावा दो तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं। इसमें अंत्योदय और पीएचएच योजना शामिल हैं। अंत्योदय योजना के तहत गरीबों को 35 किलो प्रति कार्ड अनाज दिया जाता है। जबकि पीएचएच (पूर्व विकता प्राप्त गृहस्थ योजना) योजना के तहत कार्ड में अंकित प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज दिया जाता है।

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