महंगाई का झटका, जरूरी दवाओं की कीमत में होगा बड़ा इजाफा

Essential medicines are expensive: (नई दिल्ली) महंगाई की मार अब जरूरी और जीवन रक्षक दवाओं पर भी पड़ने वाली हैं, ये दवाएं वित्त वर्ष 2024 से महंगी होने जा रही है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) की बैठक के मिनट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने आवश्यक दवाओं की कीमतों में 12.12% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जो ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के तहत रेगुलेट होती है। दवाओं की कीमतों में ये अभी तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है और यह 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी।
दरअसल ड्रग प्राइसिंग कंट्रोल ऑर्डर उचित दरों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी और जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करता है। ऑर्डर प्राइस कंट्रोल्ड दवाओं की लिस्ट, दवाओं के दाम तय करने की प्रक्रिया, सरकार की ओर से तय की गई दवाओं की कीमतों को लागू करने का तरीका और नियम तोड़ने पर सजा देता है।
Essential medicines are expensive: वित्त वर्ष 2018-2022 के दौरान, इन दवाओं को बनाने वाली कंपनियों को, जो आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (NLEM) के तहत आती हैं। उन्हें पिछले साल के WPI के आधार पर 0.5–4.2% साल-दर-साल बढ़ोतरी की इजाजत दी गई थी। हालांकि वित्त वर्ष 2023 में सीलिंग को बढ़ाकर 10.8% कर दिया गया, जो कि वित्त वर्ष 2021 के WPI के मुताबिक था। सोमवार को एक बैठक में, फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने 2023-24 के लिए सीमा को बढ़ाकर 12.12% कर दिया।



