तहसीलदार ने धक्के मार कर कोर्ट से निकलवाया….?? गुस्से में अधिवक्ता संघ ने,रायगढ़ में नायब तहसीलदार की पिटाई,पढ़ें पूरी खबर ! देखें वीडियो ! – RGH NEWS
रायगढ़ न्यूज़ (समाचार)

तहसीलदार ने धक्के मार कर कोर्ट से निकलवाया….?? गुस्से में अधिवक्ता संघ ने,रायगढ़ में नायब तहसीलदार की पिटाई,पढ़ें पूरी खबर ! देखें वीडियो !

रायगढ़ (Raigarh News): तहसील परिसर में तहसीलदार द्वारा एक अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट के बाद अब मामला गरमा गया है। घटना से नाराज अधिवक्ता संघ ने मोर्चा खोलते हुए तहसील कार्यालय के सामने आज विरोध प्रदर्शन किया है। अधिवक्ता संघ ने मांग की है कि तहसीलदार को तुरंत रायगढ़ से अन्यत्र जगह पर स्थानांतरित किया जाए।

दरअसल कल जिला न्यायालय के एक वकील जितेंद्र लाल शर्मा किसी काम को लेकर तहसील कार्यालय गए हुए थे। इसी बीच रायगढ़ तहसीलदार सुनील अग्रवाल ने पहले उनसे अभद्र व्यवहार किया, फिर अपने मातहतो को बोलकर वकील को अपमानित करते हुए धक्के मारकर करते हुए तहसील परिसर से बाहर निकलवा दिया। इसके बाद मामला जिला अधिवक्ता संघ के समक्ष पहुंचा जिसके बाद आज दोपहर जिला अधिवक्ता संघ के बैनर तले सैकड़ों वकील तहसील परिसर में अपना विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे।

 

 

विरोध जताने तहसील कार्यालय पर एकजुट हुए अधिवक्ता संघ

आज दोपहर घटना से नाराज चल रहे अधिवक्ता संघ विरोध जताते हुए सैकड़ों की संख्या में तहसील परिसर में इकट्ठा हो गए। जहां तहसीलदार सुनील अग्रवाल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।

तहसीलदार पर लगे संगीन आरोप

मीडिया को बयान देते हुए जिला अधिवक्ता संघ के सचिव प्रत्याशी अधिवक्ता आशीष मिश्रा ने बताया है कि उनके वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र शर्मा के साथ तहसीलदार के द्वारा मारपीट कराई गई और अभद्रता पूर्वक व्यवयर करते हुए उन्हें तहसील परिसर से बाहर निकाल दिया गया। एक अधिवक्ता के साथ न्यायालय में इस तरह का व्यवहार क्या उचित है..?

उन्होंने तहसीलदार सुनील अग्रवाल की अन्यत्र जगह पर ट्रांसफर कराने की मांग करते हुए कहा है कि अधिकारी का अपने मूल निवास जिला में पोस्टिंग नही हो सकती है।

वकील आशीष मिश्रा ने कहा है कि सारंगढ़ में भी तहसीलदार सुनील अग्रवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, परंतु उच्च अधिकारियों के द्वारा इसे मामले का समझौता करा दिया गया।

पैसे लेकर आंखों के सामने बिक रहे फैसले

अधिवक्ता आशीष मिश्रा ने तहसीलदार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिनकी गिरवानी में हार्डवेयर की दुकान है वह आज यहां तहसीलदार हैं। लगातार फैसले बिना किसी प्रोसिडिंग को कंप्लीट किए हुए अपने बैग में रख लिया जाता है। यहां लगातार पैसे लेकर फैसले बदल दिए जा रहे हैं। जो पैसा देता है उसके पक्ष में फैसला हो जाता है। क्या वकील होने के नाते हम सभी अब बर्दाश्त कर सकते हैं कि हमारे यहां के सामने अन्याय हो रहा हो।

सबसे बड़े भ्रष्टाचार में शामिल हैं

उन्होंने तहसीलदार कब आर्थिक जांच व उनके परिवार के लोगों के खातों की जांच की मांग की है। उन्होंने तहसीलदार को भारत के सबसे बड़े भ्रष्टाचारियों में शामिल होना बताया।

अधिकारियों ने किया थाने का घेराव
वहीं इस मामले में तहसील कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों और राजस्व अधिकारियों का भी अपना पक्ष है। उनका कहना है वकीलों ने हमारे साथ मारपीट की है। हमें पीटा गया है। इसलिए हम कार्यालय बंद कर रहे हैं। साथ ही कलेक्टर कार्यालय को भी बंद कर दिया गया है। तहसील कार्यालय के कर्मचारी भी कलेक्ट्रेट के सामने धरना दे दिया। उन्हें जिले के दूसरे अधिकारी संगठनों का भी समर्थन मिला हुआ है। घटना के बाद अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों ने चक्रधरनगर थाने में जाकर घेराव भी कर दिया है। पुलिस की टीम दोनों पक्षों को समझाने में लगी हुई है।

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