गुजरात ब्रिज हादसे के दर्दनाक VIDEO,140 से ज्यादा लोगों की मौत:70 से ज्यादा घायल; BJP सांसद की फैमिली के 12 लोगों की जान गई

Morbi Latest Update: गुजरात (Gujarat) के मोरबी (Morbi) में रविवार शाम करीब साढ़े 6 बजे एक केबल ब्रिज (Cable Bridge) टूट गया. इस दौरान ब्रिज पर खड़े हुए बड़ी संख्या में लोग मच्छु नदी (Machchhu River) में गिर गए. जानकारी के मुताबिक, मोरबी के हादसे में अब तक 137 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. हालांकि, कई लोग अभी तक लापता हैं जिनकी तलाश जारी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने मोरबी हादसे पर दुख जताया है. गुजरात सरकार ने मोरबी हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है. मच्छु नदी में गिरे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए टीमें जुटी हुई हैं. आशंका है कि मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
गुजरात के मोरबी में रविवार शाम करीब 6.30 बजे केबल सस्पेंशन ब्रिज टूटने से करीब 400 लोग मच्छु नदी में गिर गए। हादसे में 140 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इनके शव मोरबी के सिविल हॉस्पिटल में पहुंचा दिए गए हैं। मरने वालों में 50 से ज्यादा बच्चे और महिलाएं हैं। 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 100 लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
पीएम नरेंद्र मोदी इस समय केवड़िया में हैं, बताया जा रहा है कि वे भी मोरबी जाएंगे। हादसे में राजकोट के भाजपा सांसद मोहन कुंदरिया की फैमिली के 12 लोगों की जान चली गई।
बता दें कि यह पुल पिछले 6 महीने से बंद था। हाल ही में करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से इसके मरम्मत का काम पूरा किया गया था। दिवाली के एक दिन बाद यानी 25 अक्टूबर को इसे आम लोगों के लिए खोला गया था। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर (02822243300) जारी किया है। इसके अलावा घायलों के इलाज के लिए मोरबी और राजकोट हॉस्पिटल में इमरजेंसी वार्ड बनाया गया है।
बड़े अपडेट्स
- मामले में ब्रिज की मैनेजमेंट कंपनी पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज। जांच के लिए कमेटी बनी।
- PM मोदी ने अहमदाबाद में होने वाले अपने रोड शो को रद्द कर दिया है।
- देर रात मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई।
- राहुल गांधी ने गुजरात के कार्यकर्ताओं से कहा कि पीड़ितों की हरसंभव मदद करें।
ब्रिज पर क्षमता से ज्यादा लोग, यही हादसे की वजह
ब्रिज की क्षमता करीब 100 लोगों की थी, लेकिन रविवार को छुट्टी होने के चलते इस पर करीब 500 लोग जमा थे। यही हादसे की वजह बना। भास्कर को मोरबी के भाजपा सांसद मोहन कुंडारिया ने बताया कि ब्रिज टूटने से जहां लोग गिरे, वहां 15 फीट तक पानी था। कुछ लोग तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन कई लोग झूले पर अटके रहे। इन्हें बाहर निकाला जा रहा है।
सड़क एवं भवन विभाग मंत्री जगदीश पांचाल ने भास्कर से हुई बातचीत में कहा कि यह पुल नगर निगम के स्वामित्व में है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज की क्षमता करीब 100 लोगों की है, लेकिन रविवार की छुट्टी होने के चलते हादसे के वक्त ब्रिज पर 400 से 500 लोग जमा थे। इसी के चलते ब्रिज बीच से टूट गया।
मोरबी में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
बता दें कि मोरबी में वायुसेना के 30 जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं. इसके अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर राहत-बचाव का कार्य कर रही हैं. शवों की शिनाख्त की जा रही है. मच्छु नदी से शवों के निकलने का सिलसिला अभी भी जारी है.
केबल ब्रिज पर खड़े थे क्षमता से ज्यादा लोग?
जान लें कि मोरबी के केबल ब्रिज पर जाने के लिए सैलानियों से 17 रुपये चार्ज किए जाते थे और बच्चों का टिकट 12 रुपये था. पुल की मरम्मत के बाद सब कुछ सही चल रहा था. यही वजह है कि रविवार के दिन बड़ी संख्या में सैलानी आए थे. सवाल ये है कि अगर ब्रिज की कैपेसिटी ज्यादा नहीं थी तो जरूरत से ज्यादा लोगों को टिकट देकर झूलते पुल पर जाने के क्यों दिया गया?
मरम्मत के बाद फिर जनता के लिए खुला था पुल
Morbi Latest Update:अधिकारियों के अनुसार, यह पुल करीब एक सदी पुराना था और मरम्मत के बाद हाल ही में इसे जनता के लिए खोला गया था. अधिकारियों ने कहा कि जनता के लिए चार दिन पहले ही फिर से खोले गए इस पुल पर लोगों की काफी भीड़ थी. उन्होंने बताया कि पुल शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया.



