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क्‍या भारत में जल्‍द ही एंडेमिक घोषित हो सकता है कोरोना?

RGHNEWS,15फरवरी2022,नई दिल्लीः​ भारत में कोरोना के नए मामले लगातार कम सामने आ रहे हैं. वहीं, मौत के आंकडों में भी गिरावट देखी जा रही है. संक्रमण दर भी निम्न स्तर पर बना हुआ है. ऐसे में जाने माने वायरोलॉजिस्ट टी जैकब जॉन ने कहा है कि भारत में कोविड-19 के दैनिक मामलों की संख्या के 4 सप्ताह तक कम और स्थिर बने रहने पर ही ऐसा माना जा सकता है कि कोरोना वायरस संक्रमण ‘एंडेमिक’ (स्थानीय स्तर पर फैलने वाली बीमारी) के चरण में प्रवेश कर रहा है

मामलों की संख्या को देखा जाता है ग्राफ पर

जॉन ने कहा कि जब किसी समुदाय में मामलों की संख्या को एक ग्राफ पर दिखाया जाता है, तो मामलों की संख्या बढ़ने, चरम पर पहुंचने और उनके कम होने की प्रणाली को महामारी (एपिडेमिक) कहा जाता है और मामलों की संख्या की क्षैतिज स्थिर अवस्था एंडेमिक कहलाती है. जब महामारी की यह प्रणाली फिर से बनती है, तो उसे लहर कहा जाता है.

अभी एंडेमिक स्थिति नहीं कर सकते घोषित

उन्होंने कहा कि इसलिए जब तक मामलों की संख्या 4 सप्ताह तक मामूली उतार-चढ़ाव के साथ कम और स्थिर नहीं बनी रहती, तब तक हम उसे एंडेमिक घोषित नहीं कर सकते. जॉन ने कहा कि ओमिक्रॉन लहर तेजी से हल्की पड़ रही है और कुछ दिन में हम सबसे कम मामले दर्ज कर सकते हैं, लेकिन एंडेमिक चरण को लेकर सुनिश्चित होने से पहले हमको 4 सप्ताह तक इंतजार करना होगा. जॉन ने कहा कि बहरहाल जैसे ओमिक्रॉन ने हमें हैरान कर दिया, उसी तरह एक और अजीब स्वरूप हमें फिर से चकित कर सकता है.

अधिक खतरनाक वेरिएंट के आने की आशंका कम

वहीं, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के सेंटर ऑफ एडवांस्ड रिसर्च इन वायरोलॉजी के पूर्व निदेशक ने कहा कि इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, बल्कि केवल अनुमान लगाया जा सकता है. उन्होंने अनुमान जताया कि एंडेमिक चरण कई महीनों तक बना रहेगा और इस बात की आशंका बहुत कम है कि ओमिक्रॉन से अधिक संक्रामक और डेल्टा से अधिक खतरनाक कोई और स्वरूप सामने आएगा.

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