आंदोलन से हावड़ा-मुंबई रूट पर थमी ट्रेनें, उत्कल 14 घंटे, साउथ बिहार चली 10 घंटे लेट

Raigarh News: हावड़ा मुंबई रूट पर चक्रधरपुर रेल मंडल में राउरकेला के नजदीक बिसरा स्टेशन पर लोगों ने ट्रेनें के स्टापेज देने की मांग पर रेल चक्काजाम आंदोलन किया। सुबह 7 बजे से शुरू हुए इस आंदोलन से रूट में दोनों दिशाओं की ट्रेनों की चाल बिगड़ी। रायगढ़ स्टेशन पर दुर्ग से आने वाली साउथ बिहार को दो घंटे देर से चलाया गया।
वहीं, राजेंद्र नगर से आने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस 10 घंटे देर से और पुरी से आने वाली उत्कल एक्सप्रेस 14 घंटे से ज्यादा देर से चली। तड़के हावड़ा की ओर गई गीतांजलि और अहमदाबाद एक्सप्रेस को राउरकेला के बाद हटिया मुरी के रास्ते हावड़ा ले जाया गया। टाटानगर और चक्रधरपुर के बीच ट्रेनें रद्द रहीं। दोपहर लगभग 3.30 बजे लोगों ने आंदोलन समाप्त किया। इससे पहले ट्रेनों को रायपुर से राउरकेला तक अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ा किया गया। यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
बिसरा रेलवे स्टेशन में सोमवार को अपने तय कार्यक्रम के तहत बिसरा पब्लिक एक्शन कमेटी द्वारा रेल चक्काजाम किया गया। हावड़ा मुंबई मुख्य रेल मार्ग में ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों में फंस गईं। बिसरा के ग्रामीण बिसरा स्टेशन में कोरोना काल से पहले की तरह एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं।
Read more: देश के युवाओं को पीएम मोदी की बड़ी सौगात
आंदोलनकारियों ने सुबह 6.45 बजे स्टेशन की सभी रेल पटरी पर लाल बैनर लगाकर आंदोलन शुरू किया। बिसरा समेत आसपास के ग्रामीण रेल पटरी पर बैठ गए हैं। राउरकेला स्टेशन पर गीतांजलि और अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस, चक्रधरपुर स्टेशन में उत्कल एक्सप्रेस और टाटानगर स्टेशन में साउथ बिहार घंटों खड़ी रही। विभिन्न स्टेशनों में मालगाड़ी बड़ी संख्या में मालगाड़ी भी फंस गई। रेल चक्काजाम का नेतृत्व कर रहे बिरमित्रपुर के पूर्व विधायक जोर्ज तिर्की समेत बीजद नेता हालू मुंडारी समेत अन्य आंदोलनकारियों से एआरएम राजकिशोर मोहंती ने आंदोलन खत्म करने के लिए बात की, लेकिन वे नहीं माने। मौके पर आरपीएफ, जीआरपी, जिला पुलिस के जवान मौजूद थे। ड्रोन से रेल चक्काजाम करने वालों पर नजर रखी जा रही थी।
बिसरा के ग्रामीण रेलवे के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि रेलवे से तीन साल से पत्राचार कर थक चुके हैं। उनकी मांगों पर रेलवे ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण ग्रामीण मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ा। पत्र लिखकर रेल मंत्री से बिसरा में ट्रेन ठहराव की मांग की लेकिन इसपर भी रेलवे ध्यान नहीं दिया। बिसरा स्टेशन में ट्रेन ठहराव नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, गरीबों का रोजगार, मजदूरी, बीमार का इलाज सबकुछ मुश्किल हो गया है।
Raigarh News: बिसरा, जरायकेला, भालुलता बिसरा के हजारों ग्रामीण ट्रेन के लिए तरस रहे हैं। चक्रधरपुर रेलमंडल के एसीएम बिनित कुमार घटनास्थल पर पहुंच कर आंदोलन में शामिल जन प्रतिनिधियों से बात कर अगले दिनों में बिसरा रेलवे स्टेशन पर तीन ट्रेनों के ठहराव की सहमति दी। टाटानगर-इतवारी पैसेंजर, इस्पात एक्सप्रेस एवं एक पूजा स्पेशल ट्रेन शामिल है।



