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अब बदलेंगे Yes Bank के दिन,RBI ने लगाई मुहर

 Yes bank:लंबे समय से संकट में फंसे निजी सेक्टर के बैंक यस बैंक के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी कंपनियों Carlyle ग्रुप इंक और Advent इंटरनेशनल को यस बैंक में संयुक्त तौर पर 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी है. यह इजाजत कुछ शर्तों के साथ दी गई है. निजी सेक्टर के बैंक ने गुरुवार को यह जानकारी दी है.

मुंबई में आधारित यस बैंक ने कहा कि निवेशक शर्तों का विश्लेषण कर रहे हैं. उसने आगे कहा कि बैंक और निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक के साथ शर्तों के जल्दी पूरा होने को लेकर बातचीत करेंगे और आखिरी मंजूरी लेंगे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि शर्तें क्या थीं.

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रिपोर्ट के मुताबिक, Carlyle, Advent, यस बैंक और आरबीआई ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इससे पहले यस बैंक ने जुलाई में कहा था कि वह Carlyle और Advent से बैंक में 10-10 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 1.1 अरब डॉलर की राशि जुटाएंगे. कंपनियां अपने कैपिटल और फंड की ग्रोथ को बढ़ाना चाहती हैं. फंड्स 640 मिलियन डॉलर के शेयर और 475 मिलियन डॉलर के शेयर वॉरेंट जारी करके जुटाए जाएंगे.

क्या है यस बैंक का संकट?
इससे करीब दो साल पहले आरबीआई बैंक पर नियंत्रण करने के लिए आगे आया था. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार ने पिछले साल कहा था कि संकेट में फंसा यस बैंक (YES Bank) अच्छी प्रगति कर रहा है. उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में निवेशकों द्वारा पिछले साल इसके मैनेजमेंट को लेने के बाद से बैंक ने प्रगति की है और इसे स्थिर होने में दो साल का समय लगेगा.

 Yes bank:आपको बता दें कि यस बैंक के पूर्व MD और CEO राणा कपूर को कुछ दिन पहले दिल्ली हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने राणा कपूर को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी है. ईडी ने राणा कपूर को 466.51 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. ईडी का आरोप है कि राणा कपूर ने अपने परिवार और रिश्तेदारों को जुड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लोन बांटा था, जिसके चलते यस बैंक को 466.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.

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