छत्तीसगढ़ न्यूज़ (समाचार)

अक्षरों से अलख जगाने का दिवस है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस: मुख्यमंत्री श्री बघेल 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि साक्षर समाज, समानता, शांति और विकास का मूल आधार है। सन् 1966 में यूनेस्को ने 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। साक्षरता दिवस 2022 की थीम “ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेसेज’ (¼Tranforming Literacy Learning Spaces) है। वर्ष 2022-27 के लिए न्यू इंडिया लिट्रेसी प्रोग्राम नामक एक नई योजना को मंजूरी दी गई है। अब देश में “प्रौढ़ शिक्षा“ शब्द को “सभी के लिए शिक्षा’’ के रूप में बदल दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत इस वर्ष नवभारत साक्षरता कार्यक्रम से नई शुरूआत की गई है, जो पांच वर्षों तक संचालित किया जाएगा। इसमें बुनियादी साक्षरता और अंक ज्ञान महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, चुनावी साक्षरता, व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा, जीवन पर्यन्त शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता आदि क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है।
श्री बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि सभी लोग कार्यक्रम में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं और छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर बनाते हुए डिजिटल साक्षरता, जागरूकता सहित जीवन पर्यन्त शिक्षा की ओर अग्रसर हों। हमें साक्षरता के नए आयामों को छूना है। उन्होंने शालाओं और महाविद्यालयों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि साक्षरता के पुनीत कार्य में भागीदार बनें। साक्षरता की नई उपलब्धियों से प्रदेश का सुनहरा भविष्य सुनिश्चित होगा तथा हम गढबो नवा छत्तीसगढ़ का लक्ष्य पूरा करेंगे।

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